शारजाह: केरला के रहने वाले बिजनेसमैन ने अपनी इस्लाम के खिलाफ कविता वायरल होने पर माफी मांग ली है।

इस्लाम धर्म और मुसलमानों को गाली देने वाले कम से कम एक दर्जन लोगों के खिलाफ दुबई पुलिस एक हफ्ते में कार्रवाई कर चुकी है, ऐसा उस वक्त हुआ जब उनके पोस्ट के स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर वायरल किए गए, और दुबई पुलिस पर दबाव बनाया गया कि उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
इसी बीच केरला के रहने वाले  Aries Group Sharjah के सीईओ ने अपनी कविता के लिए माफी मांग ली है।
सोहन रॉय ने फेसबुक पर लाइव आ करके अपनी ऐसी कविता के लिए माफी मांग ली है जिससे इस्लामोफोबिया साफ दिखाई देता है। विद्दी जनमन (बेवकूफ की जिंदगी) नाम की यह कविता मलयालम भाषा में लिखी गई थी। हालांकि इस कविता में किसी धर्म का नाम नहीं लिया गया था लेकिन वीडियो में बहुत सारे लोगों को कुर्ता पजामा और टोपी लगाए देखा जा सकता है और इसी बीच कुरान की तिलावत की आवाज भी आती है। कविता में कहा गया है कि जब हो धार्मिक सोच इंसान को अंधा कर देती है तो हमें ऐसे लोगों और अपने दरमियान एक दीवार खड़ी करनी पड़ती है।
इस कविता में तबलीगी जमात की तरफ इशारा किया गया था। तबलीगी जमात पर भारत के कट्टर हिंदू कोरोना वायरस फैलाने का इल्जाम लगा रहे हैं।
रॉय ने अपनी फेसबुक लाइव में कहा कि वाकई मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई है और उसके लिए मैं दिल से माफी मांगता हूं। मेरा किसी का दिल दुखाने का इरादा नहीं था लेकिन मुझे अफसोस है अगर मेरी इस कविता से किसी का दिल दुखा हो।
 फेसबुक लाइव के नीचे कमेंट सेक्शन में उनको पूरी तरह लोग ट्रोल कर रहे हैं। रॉय ने अपनी वह कविता फेसबुक और इंस्टाग्राम से हटा दी है।
रॉयल दो-तीन साल से सोशल मीडिया पर अपनी कविताएं लिख रहे हैं,जिन्हें भारत में बैठी एक टीम कंपोज और एडिट करके वीडियो फॉर्मेट में डालती रही है।
फेसबुक लाइव के फेर में राय ने यह भी बताया कि उन्होंने अपना भारत वाला घर सरकार को करोना की लड़ाई में सहयोग के लिए फिलहाल दे दिया है, और वह कुछ अस्पतालों को मास्क और वेंटिलेटर वगैरा भी दे रहे हैं।
पूरी दुनिया में भारत इस्लामी फोबिया में चरम सीमा पर है, सोशल मीडिया पर इस्लाम को गाली देना यहां बहुत आसान है क्योंकि बहुत कम केसेस में पुलिस उन पर कार्रवाई करती है, दिल्ली और उत्तरी भारत के काउ बेल्ट में रोजाना हजारों कि संख्या में स्क्रीनशॉट पुलिस को भेजे जाते हैं ऐसा बहुत कम होता है जब पुलिस उन पर कार्रवाई करने में कोई दिलचस्पी दिखाती है, इसके मुकाबले में खाड़ी देशों में इस्लाम को लेकर के किसी भी तरह की टिप्पणी आपको 5 साल से 50 साल के लिए जेल में डलवा सकती है, क्या कम से कम आप का वीजा रद्द करके आपको फौरन भारत भेजा जा सकता है।

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